स्वास्थ्य : मातृ दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए प्रेग्नेंसी के दौरान ध्यान और प्राणायाम के फायदों की जानकारी साझा की है।
मंत्रालय के अनुसार गर्भावस्था में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। नियमित ध्यान करने से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और गर्भवती महिला का भावनात्मक जुड़ाव अपने आने वाले बच्चे से मजबूत होता है।
ध्यान से बेहतर होगी नींद
आयुष मंत्रालय ने बताया कि योग के तीन मुख्य भाग आसन, ध्यान और प्राणायाम हैं। ध्यान के दौरान शांत वातावरण में बैठकर सांसों को नियंत्रित करने से मन एकाग्र होता है और चिंता कम होती है। इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और मानसिक शांति मिलती है।
मंत्रालय की एडवाइजरी में कहा गया है कि ध्यान करते समय आरामदायक मुद्रा में बैठना चाहिए और पीठ पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। अभ्यास खाली या हल्के पेट करना बेहतर माना गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को हर तिमाही में ध्यान का समय धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। पहली तिमाही में 5 मिनट, दूसरी में 10 मिनट और तीसरी तिमाही में 15 मिनट तक मेडिटेशन करना लाभदायक माना गया है।
मंत्रालय ने सलाह दी है कि किसी भी बीमारी या गर्भावस्था से जुड़ी जटिलता की स्थिति में ध्यान और योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।









