
पुलिस से हुई नोकझोंक, कई छात्र हिरासत में
धारा 144 को लेकर उठे सवाल
आरक्षण और खाली पद भरने की मांग
लखनऊ। लखनऊ में मंगलवार को बिरसा आंबेडकर फुले छात्र संगठन (बापसा) उत्तर प्रदेश के बैनर तले यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की नई गाइडलाइंस-2026 के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शन की शुरुआत विश्वविद्यालय के गेट नंबर-3 से हुई, जहां से छात्रों ने परिवर्तन चौक तक समर्थन मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की और करीब दो किलोमीटर तक उन्हें दौड़ाया।
इसी बीच कुछ छात्र दूसरी ओर से परिवर्तन चौक पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना देकर जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में भी ले लिया।
प्रदर्शन के दौरान बापसा के उपाध्यक्ष आकाश कठेरिया ने कहा कि दो दिन पहले यूजीसी की नई गाइडलाइंस के विरोध में हुए प्रदर्शन के समय बाहरी तत्व विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद थे, तब धारा 144 लागू नहीं की गई थी। लेकिन अब जब छात्र गाइडलाइंस के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, तो प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि संगठन हर हाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखेगा और प्रदेश के कई जिलों से छात्र इस आंदोलन में शामिल होने आ रहे हैं।








