जम्मू-कश्मीर। बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तुर्किये में बनी एक कनिक पिस्टल, 10 कारतूस वाली मैगजीन और दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पर आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने में मदद करने का शक है।
खुफिया सूचना के आधार पर सेना की 52 राष्ट्रीय राइफल्स और बारामूला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान दोनों को डेलिना घाट के पास डारपुरा नर्सरी इलाके से गिरफ्तार किया गया।
सोपोर के चिंकीपोरा के रहने वाले हैं आरोपी
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्ध सोपोर के चिंकीपोरा इलाके के निवासी हैं। उन पर ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम करने और आतंकी नेटवर्क को मदद पहुंचाने का संदेह है।
ओवरग्राउंड वर्कर ऐसे लोगों को कहा जाता है, जिन पर आतंकियों को रसद, ठिकाने, हथियार या अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आरोप होता है। हालांकि, इस मामले में दोनों संदिग्धों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
60 दिनों में 18 संदिग्ध आतंकी सहयोगियों की गिरफ्तारी
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 60 दिनों के दौरान ऐसी 18 गिरफ्तारियां की गई हैं। सुरक्षाबलों की ओर से इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आतंकियों को सहायता पहुंचाने वाले नेटवर्क की पहचान करना है।
मामले की जांच जारी
सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों और उनके मददगार नेटवर्क के खिलाफ अभियान के तहत अहम माना जा रहा है। बरामद हथियारों और विस्फोटकों के स्रोत के साथ-साथ संदिग्धों के संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है।









