वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए 45 विभागों की शिक्षण प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) योजना के तहत कुल 59 करोड़ 16 लाख रुपये का अनुदान जारी किया गया है। इस धनराशि से प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे और उनकी आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा।
विश्वस्तरीय संस्थानों के अनुरूप विकसित होंगे पाठ्यक्रम
योजना के तहत प्रयोगशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ पाठ्यक्रमों को विश्वस्तरीय संस्थानों के अनुरूप विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और प्रयोगात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की पहल पर अगस्त में सभी विभागों से अनुदान के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के लिए 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने विभागों की जरूरत, प्रस्तावों की उपयोगिता और निर्धारित मानकों के आधार पर उनका आकलन किया।
मेरिट इंडेक्स के आधार पर हुआ विभागों का चयन
मूल्यांकन के बाद विभागों का मेरिट इंडेक्स तैयार किया गया। कुलपति की मंजूरी मिलने के बाद अंतिम सूची जारी की गई। शुक्रवार को चयनित विभागों के लिए अनुदान की राशि निर्गत कर दी गई।
रसायन विज्ञान विभाग को सबसे ज्यादा 7.71 करोड़
आईओई योजना के तहत रसायन विज्ञान विभाग को सबसे अधिक 7.71 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। डेयरी विज्ञान विभाग को 4.39 करोड़ और शारीरिक शिक्षा विभाग को 4.23 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा न्यूरोलॉजी विभाग को 2.39 करोड़ रुपये, माइक्रोबायोलॉजी विभाग को 2.27 करोड़ और यूरोलॉजी विभाग को दो करोड़ रुपये दिए गए हैं। अन्य चयनित विभागों को उनकी जरूरत और प्रस्तावों के मूल्यांकन के आधार पर 25 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का अनुदान जारी किया गया है।









