
- हरदोई में भाजपा नेता की TUV ने ऑल्टो को टक्कर मारी, 4 लोग घायल
- हादसे के बाद नेता और बेटा पुलिस से भिड़े, दिखाई दबंगई
- थाने ले जाने पर कहा- “मंत्री को फोन मिलाओ, मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता”
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में मंगलवार रात एक सड़क हादसे के बाद भाजपा नेता और उसके बेटे ने पुलिस के सामने जमकर दबंगई दिखाई। घटना पाली थाना क्षेत्र के रूपापुर के पास हुई, जहां भाजपा के झंडे और मंडल अध्यक्ष की नेम प्लेट लगी तेज रफ्तार TUV कार ने एक ऑल्टो को टक्कर मार दी। ऑल्टो में बैठे चार लोग घायल हो गए।
अंतिम संस्कार से लौट रहे थे ऑल्टो सवार
जानकारी के मुताबिक, हसनापुर निवासी मोहित अपने परिजनों के साथ एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर जलालाबाद से लौट रहे थे। रात करीब 11 बजे उनकी ऑल्टो कार (UP-27) रूपापुर के रामवीर ढाबे के पास पहुंची ही थी कि सामने से आ रही तेज रफ्तार TUV (UP 27 AS 7242) ने जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि मोहित समेत चार लोग—दुर्गेश कुमार, गुरुप्रसाद और चंदन—घायल हो गए। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
पुलिस पूछताछ पर नेता और बेटा भड़के
हादसे के बाद जब पुलिस ने TUV कार सवारों से पूछताछ करने की कोशिश की, तो वे तैश में आ गए। कार चला रहे अमन मिश्रा (गाजीपुर चिकिटियापुर, शाहजहांपुर निवासी) ने पुलिस से बदसलूकी शुरू कर दी।
इस दौरान कार में बैठे सुभाष मिश्रा, जिन्होंने खुद को भाजपा मंडल अध्यक्ष बताया, गाड़ी से उतरकर पुलिस से भिड़ गए।
“मुझे जेल भेजोगे? भेज दो, मुझे कुछ नहीं होगा”
थाने चलने की बात पर सुभाष मिश्रा ने धमकाते हुए कहा—
“मैं क्यों थाने चलूं? मुझे क्या जेल भेजोगे? भेज दो, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं मंत्री रजनी तिवारी का करीबी हूं। मैं चार बार मंडल अध्यक्ष रहा हूं। ये भाजपा सरकार है, मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता। फोन मिलाओ मंत्री जी को।”
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नेता और उनका बेटा गलती मानने तक को तैयार नहीं थे। इस बीच, एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा—
“जब चार लोग मर जाते, मर्डर हो जाता, तब क्या आपको गलती समझ आती?”
इस पर सुभाष मिश्रा ने बेहिचक जवाब दिया—
“जिनका मर्डर हुआ, उन्हें तो आपने घर भेज दिया। मैं उन्हें भी जेल भिजवाऊंगा।”
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे भाजपा नेता की दबंगई पर सवाल उठ रहे हैं।








