क्या डॉ. माद्री काकोटी का जवाब बदल सकता है पूरे मामले की दिशा?

  • लखनऊ यूनिवर्सिटी में बढ़ा तनाव, छात्रों का प्रदर्शन जारी
  • डॉ. माद्री काकोटी को कारण बताओ नोटिस जारी
  • पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रोफेसर का बयान

लखनऊ। पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी ने अपनी एक महिला प्रोफेसर को नोटिस जारी किया है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी को पांच दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनसे पूछा है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। डॉ. माद्री काकोटी का विवादित पोस्ट पाकिस्तान में भी वायरल हुआ है। इसके बाद छात्र संगठनों, खासकर ABVP से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को भी छात्रों ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय से मिलकर प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही विश्वविद्यालय पुलिस चौकी और हसनगंज थाने में भी दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई।

विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का आरोप

लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विद्यानंद त्रिपाठी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि प्रोफेसर के पोस्ट से न सिर्फ विश्वविद्यालय बल्कि देश की छवि भी धूमिल होने की आशंका है। नोटिस में लिखा गया कि “आज आतंकवाद किसी एक देश या क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। ऐसे संवेदनशील समय में आपने गैर-जिम्मेदाराना पोस्ट किया।” डॉ. माद्री काकोटी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह तय समय में नोटिस का जवाब देंगी।

छात्र संगठनों का विरोध तेज

ABVP से जुड़े छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय में जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर देशविरोधी बयानबाजी कर रही हैं। छात्रों ने कहा कि जब तक उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा, “जब तक हमें ऐसी विचारधारा से आजादी नहीं मिलेगी, हम संघर्ष करते रहेंगे।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था प्रोफेसर का पोस्ट

पहलगाम आतंकी हमले के अगले दिन डॉ. माद्री काकोटी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के साथ पोस्ट किया था: “धर्म पूछकर गोली मारना आतंकवाद है। और धर्म पूछकर लिंच करना, धर्म पूछकर नौकरी से निकालना, धर्म पूछकर घर न देना, धर्म पूछकर घर बुलडोज करना वगैरह भी आतंकवाद है। असली आतंकी को पहचानो।” उनका यह वीडियो पाकिस्तान के ‘PTI प्रमोशन’ नामक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से रीपोस्ट किया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। वीडियो में डॉ. माद्री काकोटी कहती हैं कि पहलगाम हमले में मारे गए 27 लोग आम भारतीय थे, लेकिन मीडिया उनकी मौत का इस्तेमाल टीआरपी बटोरने के लिए कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और आंतरिक सुरक्षा में चूक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रोल्स को निशाना बनाते हुए लिखा कि “2 रुपए के ट्रोल भारत में नफरत फैलाकर राजनीति कर रहे हैं।”

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