
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की टेक्निकल भर्ती प्रक्रिया 9 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इसको लेकर शुक्रवार को सैकड़ों अभ्यर्थी लखनऊ स्थित पिकप भवन पर मौन प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन उन्हें वहां से हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 2016 में भर्ती का फॉर्म भरा गया था, लेकिन परीक्षा 2023 में कराई गई और अब 2024 में भी प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। इसी देरी के खिलाफ उन्होंने लखनऊ में प्रदर्शन किया।
दिव्यांग अभ्यर्थी बोले – थक चुके हैं, कब तक इंतजार करें?
रायबरेली से आए दिव्यांग विशाल शर्मा ने बताया कि 2016 में फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन किया था। 2023 में परीक्षा हुई और अप्रैल 2024 में अगली प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अब तक कटऑफ जारी नहीं हुआ है। विशाल बोले – “हम थक चुके हैं, सरकार से अपील है कि अब परिणाम घोषित किया जाए।”
“नियुक्ति से पहले ही रिटायर हो जाएंगे”
अभ्यर्थी राम जी ने कहा कि उनकी उम्र 52 साल हो चुकी है। “ऐसा लग रहा है कि नौकरी मिलने से पहले ही रिटायर हो जाऊंगा। अगर इतनी देर में परिणाम आएंगे, तो हम नौकरी कितने साल कर पाएंगे?”
“टुकड़ों में आ रहा रिजल्ट, पूरी लिस्ट जारी नहीं”
नितेश उपाध्याय ने बताया कि कई पदों जैसे हवलदार फार्मासिस्ट का परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ। “पहले दीपावली, फिर होली और अब ईद निकल गई, लेकिन पूरा रिजल्ट नहीं आया।”
“अभ्यर्थी डिप्रेशन में जा चुके हैं”
कुलदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि 9 साल इंतजार के बाद भी भर्ती पूरी नहीं हुई। “सरकार और आयोग सुन ही नहीं रहे, डिप्रेशन में पहुंच गए हैं। अब न कोई तारीख चाहिए, सिर्फ नियुक्ति चाहिए।”
बिना नारेबाजी मौन प्रदर्शन, फिर भी पुलिस ने भेजा ईको गार्डन
आगरा, बनारस, रायबरेली, दिल्ली और हरियाणा से आए अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय के बाहर बैनर लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि आयोग सचिव राजीव कुमार ने मिलने बुलाया था, लेकिन अब आश्वासन देने के बजाय पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
तत्काल कटऑफ और फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाए
नियुक्ति प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए
भर्ती में देरी को लेकर आयोग स्पष्ट जवाब दे








