
लखनऊ। शहर में ट्रेड लाइसेंस शुल्क वृद्धि के विरोध में सैकड़ों व्यापारी शनिवार को नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और गेट बंद कर धरना देने लगे। व्यापारियों का आरोप था कि नगर निगम जबरदस्ती फीस बढ़ा रहा है, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप से पिछले साल यह फैसला वापस ले लिया गया था।
व्यापारियों का आक्रोश
- लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि अब कोई आश्वासन नहीं चलेगा और आंदोलन जारी रहेगा।
- उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों को ही लगातार टारगेट किया जा रहा है, जबकि पहले ही वे तमाम तरह के टैक्स देते हैं।
- लखनऊ व्यापार मंडल समेत अन्य संगठनों के व्यापारी इस फैसले के खिलाफ एकजुट हुए।
मेयर सुषमा खर्कवाल ने किया हस्तक्षेप
- धरने के बीच मेयर सुषमा खर्कवाल पहुंचीं और व्यापारियों को शांत किया।
- मेयर ने कहा कि 2 सितंबर 2024 को इस विषय को रखा गया था, तब कार्यकारिणी ने इसे वापस ले लिया था।
- उन्होंने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और व्यापारी उनका परिवार हैं।
निष्कर्ष
व्यापारियों का विरोध इस बात को उजागर करता है कि नगर निगम के फैसलों में व्यापारिक समुदाय की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। मेयर के हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त किया गया और व्यापारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त किया।








