
- जिले की सभी तहसीलों में हुआ संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन
- टांडा में डीएम अनुपम शुक्ला ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश
- 66 शिकायतों में से 5 का मौके पर हुआ निस्तारण
अंबेडकरनगर। जिले भर की तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन एक जिम्मेदार और निर्णायक प्रशासनिक कार्यवाही के रूप में सामने आया। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर क्षेत्रों तक अफसरों की मौजूदगी और सख्त हिदायतों के बीच जनसमस्याओं की सुनवाई की गई। टांडा तहसील में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अगुवाई में आयोजित मुख्य शिविर में अधिकारियों को दो टूक निर्देश मिले—समयबद्धता के साथ गुणवत्ता भी हो, और जवाबदेही भी।
टांडा में सुनवाई के साथ मिला सख्त निर्देश
तहसील टांडा में कुल 66 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से पांच मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष 61 को विभागवार अग्रसारित करते हुए जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर फरियादी की बात सुनें और निष्पक्ष जांच के बाद समाधान करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस जनता से संवाद और विश्वास का सेतु है, इसे खानापूर्ति न समझा जाए।
पुलिस अधीक्षक ने भूमि विवादों पर कसा शिकंजा
संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की अलग से सुनवाई की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर भूमि विवादों को गंभीरता से लिया जाए और मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने थानाध्यक्षों से कहा कि हर शिकायत की पहली प्राथमिकता हो, पीड़ित को न्याय दिलाना हमारा दायित्व है।








