
कानपुर। कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला से रंगदारी मांगने के मामले में बढ़ी दो धाराओं के खिलाफ आज एडीजे–1 सुदामा प्रसाद की कोर्ट ने आरोपी एडवोकेट अखिलेश दुबे की जमानत अर्जी मंजूर कर दी।
मामला क्या है
कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला ने अखिलेश दुबे और पप्पू स्मार्ट समेत 10 अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गिरोह ने राजा ययाति के किले और पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध कब्जा किया और मुकदमा खत्म कराने के नाम पर 10 लाख रुपए रंगदारी मांगे।
रंगदारी और मुकदमों की कहानी
लोकलाज के भय से संदीप शुक्ला ने एक लाख रुपए दे दिए, लेकिन आरोपियों ने मांग नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई। शुरू में आरोपी रंगदारी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी में रिमांड पर थे। अखिलेश को जमानत भी मिली थी, लेकिन विवेचक ने धारा 195 (झूठे साक्ष्य देने) और 211 (झूठा आरोप लगाने) जोड़ दी।
कोर्ट ने क्या कहा
अखिलेश ने दोबारा जमानत अर्जी दाखिल की और कहा कि धाराएं गलत तरीके से बढ़ाई गई हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अखिलेश दुबे की जमानत मंजूर कर दी।








