
- बिजली कटौती और नहरों में पानी की कमी से किसान बेहाल
- यूरिया-डीएपी की किल्लत, सहकारी समितियों पर नहीं खाद
- स्कूलों के मर्जन पर कांग्रेस का विरोध, बच्चों की शिक्षा खतरे में
अंबेडकरनगर। बिजली संकट, नहरों में पानी की अनुपलब्धता और सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामनगर ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
कांग्रेस अध्यक्ष बोले – बिजली कटौती बंद हो, किसानों को मिले राहत
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि जहांगीरगंज क्षेत्र की प्रमुख नहर राजवाहा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों की फसलें सूख रही हैं। ऊपर से लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने किसानों और आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में किसानों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही है। बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करते हुए कटौती पर रोक लगाई जाए।
सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता की उठी मांग
प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता अशोक सत्यार्थी, अजय पासवान, रामनरेश पाल और पन्नालाल कन्नौजिया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की साधन सहकारी समितियों पर यूरिया, डीएपी, एमएपी जैसे जरूरी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं और कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि खाद की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए।
प्राथमिक विद्यालयों के मर्जन आदेश को वापस लेने की मांग
विरोध प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता अशोक सत्यार्थी और रामनरेश पाल ने कहा कि सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों का मर्जन कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्कूलों का विलय अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने मांग की कि इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।








