
- पुलिस बैरिकेडिंग पर चढ़ीं कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला आरक्षण की मांग पर हंगामा
महिला सुरक्षा को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, लाठीचार्ज का आरोप
प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराधों के खिलाफ कांग्रेस का पैदल मार्च
लखनऊ: कांग्रेस महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने गुरूवार को महिला आरक्षण और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय से विधानसभा तक पैदल मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की, जिससे नाराज महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं और बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी करने लगीं।
पुलिस से झड़प में कांग्रेस नेत्री घायल
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ममता चौधरी प्रदर्शन के दौरान चोटिल हो गईं। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को धक्का दिया। इससे ममता चौधरी के सिर पर चोट आई और वह बेहोश हो गईं। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महिला आरक्षण लागू करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता अनामिका यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। महिलाओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। सरकार महिला सुरक्षा के दावे तो करती है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है।”
अनामिका यादव ने कहा कि कांग्रेस महिला मोर्चा महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू करने की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है और हकीकत में महिलाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को लेकर आक्रोश
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बलिया, मलिहाबाद समेत कई जिलों में महिलाओं के साथ अत्याचार के मामले सामने आए हैं। बलिया में युवती की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया, जबकि प्रशासन इसे आत्महत्या बताने में लगा रहा।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार ने दावा किया था कि महिलाएं आधी रात में भी सुरक्षित बाहर निकल सकती हैं, लेकिन सच्चाई इसके उलट है। प्रदेश में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं और सरकार का रवैया असंवेदनशील बना हुआ है।
प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया कि जब तक महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते और महिला आरक्षण कानून लागू नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द कदम नहीं उठाती, तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।








