
अम्बेडकरनगर। देश की आज़ादी के पहले सिपाही और महान शहीद मंगल पांडेय की जयंती के अवसर पर अम्बेडकरनगर जनपद में सेवा और समर्पण का अनूठा उदाहरण पेश किया गया। लहराता स्थित होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में आयोजित एक विशेष रक्तदान शिविर में काशी रक्तदान-नेत्रदान कुटुंब समिति, वाराणसी के तत्वावधान में कुल 15 यूनिट्स एफेरेसिस प्लेटलेट्स का दान किया गया।
इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि डबल सेंचुरियन ब्लड डोनर व रक्तमित्र सूरज गुप्ता के मार्गदर्शन में प्रदीप इसरानी ने अपने 230वें रक्तदान के साथ 100वीं बार प्लेटलेट्स डोनेशन कर पूर्वांचल के पहले ऐसे डोनर बनने का गौरव प्राप्त किया, जिन्होंने शतकीय प्लेटलेट्स डोनेशन पूरा किया।
कपल और पारिवारिक रक्तदान बना प्रेरणा का केंद्र
शिविर में कपल डोनेशन की झलक भी देखने को मिली, जहां पति-पत्नी और पिता-पुत्री व पिता-पुत्र की जोड़ियों ने साथ-साथ रक्तदान कर समाज में एक प्रेरणादायी संदेश दिया।
इन प्रेरणादायक रक्तदाताओं में प्रमुख नाम शामिल हैं:
अमित गुजराती (सेंचुरियन डोनर)
एकता पारिख और नीरज पारिख (कपल डोनेशन)
शिप्रा सिंह और अशोक सिंह (पिता-पुत्री)
श्रेष्ठ जायसवाल और आशुतोष जायसवाल (पिता-पुत्र)
प्रदीप इसरानी (230वीं बार, 100वीं प्लेटलेट्स डोनेशन)
अन्य डोनर: आशीष केशरी, नीलेश सिंह, आनंद नागर, अरविंद मौर्य, कृतार्थ गुजराती, आदित्य सरीन, धन्यवाद राजेश गुप्ता।
कार्यक्रम का संयोजन नामित पारिख और अमित गुजराती द्वारा किया गया। उन्होंने रक्तवीरों का आभार जताते हुए कहा कि यह सिर्फ रक्तदान नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का उत्सव था। शहीद मंगल पांडेय की जयंती को इस सेवा यज्ञ से जोड़कर रक्तदाताओं ने देशप्रेम की परिभाषा को एक नई ऊंचाई दी है।
एफेरेसिस प्लेटलेट्स डोनेशन विशेष रूप से कैंसर पीड़ितों के लिए जीवनदायिनी होती है। ऐसे में इस अभियान के माध्यम से होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में भर्ती गंभीर रोगियों को नई आशा की किरण मिली। आयोजकों ने बताया कि आगे भी समय-समय पर ऐसे कैंप लगाए जाएंगे।








