
- स्कूल मर्जर के विरोध में प्रदर्शन तेज
- विधानसभा घेराव की कोशिश, पुलिस से झड़प
- अनस रहमान ने सरकार को बताया छात्र विरोधी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को प्राथमिक स्कूलों के मर्जर के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
सुबह से ही कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। जैसे ही कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता “योगी सरकार मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए निकले, उन्होंने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और पुलिस से तीखी बहस शुरू हो गई।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस से धक्का-मुक्की
प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सरकार पर छात्र विरोधी नीति अपनाने का आरोप
एनएसयूआई अध्यक्ष अनस रहमान ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब और छात्र विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि
“राज्य में 5000 से ज्यादा स्कूलों का मर्जर किया जा रहा है, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा के बजाय स्कूल से वंचित किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि स्कूल मर्जर से न केवल छात्रों को परेशानी होगी, बल्कि सैकड़ों शिक्षक बेरोजगार भी हो जाएंगे।
बेरोजगारी को और बढ़ा रही सरकार: अनस
अनस रहमान ने सरकार पर पहले बैंक मर्जर और अब स्कूल मर्जर के जरिए नौकरियों को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि
“हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद नहीं करती।“








