
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 29 और 30 अक्टूबर को जिला स्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र अपने नवाचारी (इनोवेटिव) मॉडल प्रस्तुत करेंगे, वहीं शिक्षक टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल) के मॉडल प्रदर्शित करेंगे। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, प्रयागराज ने 53वीं जिला, मंडल और राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का प्रस्तावित शेड्यूल जारी कर दिया है।
‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ रहेगा मुख्य विषय
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विज्ञान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सात उप-विषयों पर आधारित होंगे मॉडल
प्रदर्शनी में सात उप-विषय तय किए गए हैं—
चिरस्थाई कृषि
कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प
हरित ऊर्जा
उभरती हुई प्रौद्योगिकी
मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
जल संरक्षण और प्रबंधन
डॉ. कुमार ने बताया कि जिला स्तर पर प्रत्येक उप-विषय से दो उत्कृष्ट मॉडल का चयन किया जाएगा। चयनित मॉडल मंडल स्तरीय प्रदर्शनी में हिस्सा लेंगे, जो 18 से 20 नवंबर तक आयोजित की जाएगी।
स्टूडेंट्स के ऑल राउंड डेवलपमेंट का अवसर
जेडी (शिक्षा) डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने मंडल के सभी डीआईओएस को निर्देशित किया है कि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा।








