- तीन तलाक का दबाव
- पति का बदलता रवैया
- तीन तलाक कानून और हिंसा
वाराणसी। वाराणसी तीन तलाक कानून ने समाज में कई बदलाव लाए हैं, और इस बदलाव का असर अब एक महिला पर देखा जा रहा है, जो अपने पति के दबाव से परेशान है। इस कानून के तहत, यदि कोई शौहर अपनी पत्नी को तीन बार तलाक देता है, तो उसे तीन साल की सजा हो सकती है और पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है। इस कानून के भय से अब कई शौहर अपनी पत्नियों पर तलाक देने का दबाव बना रहे हैं।
12 साल पहले हुआ था निकाह, फिर बदल गया पति का रवैया
ओंकलेश्वर निवासी तमन्ना का निकाह 17 अक्टूबर 2013 को चंदौली जिले के बहादुरपुर निवासी मोहम्मद सईद से हुआ था। शुरू में सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद पति का व्यवहार बदलने लगा। 3 साल बाद उनकी बेटी आलमीन का जन्म हुआ, और इसके बाद ससुरालवालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
दहेज और तलाक का दबाव
बेटी के जन्म के बाद ससुरालवाले दहेज की मांग करने लगे और कोविड काल में पति ने उसे जबरदस्ती मायके भेज दिया। तीन तलाक कानून के लागू होने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। पति और ससुरालवाले अब उसे तलाक देने का दबाव बनाने लगे। इसके विरोध में जब तमन्ना ने इनकार किया।
घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना
तमन्ना के लिए हालात इतने बदतर हो गए कि एक दिन ससुराल में उसके देवर ने उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। जब उसकी बेटी ने इसका विरोध किया, तो उसे थप्पड़ मारा गया और उसके कान से खून बहने लगा।








