तबादले के बाद भी पुराने पटल पर जमे कर्मचारी

  • भ्रष्टाचार और पक्षपात पर अंकुश की मंशा कमजोर
  • जनता ने पूछा- तबादला प्रक्रिया का औचित्य क्या?
  • आदेश न मानने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

अंबेडकरनगर। जनपद के विभिन्न विभागों में हाल ही में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के तबादले किए गए। शासन की मंशा यह थी कि पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़े, साथ ही एक ही पटल पर लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के प्रभाव और पक्षपात की स्थिति समाप्त हो। मगर चौंकाने वाली बात यह है कि आदेश जारी होने के बावजूद कई कर्मचारी आज भी अपने पुराने पटल पर जमे हुए हैं। इससे शासनादेश की प्रभावशीलता और अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

तबादला आदेश कागज़ों तक सीमित
सूत्रों के अनुसार, कुछ विभागों में तबादला आदेश महज़ औपचारिकता बनकर रह गए हैं। आदेश जारी तो कर दिए गए, लेकिन उनका अनुपालन नहीं कराया गया। परिणामस्वरूप, जिन कर्मचारियों को नए पटल पर कार्यभार संभालना चाहिए था, वे अभी भी पुराने पदों पर काम कर रहे हैं। इससे शासन की मंशा धूमिल हो रही है और कर्मचारियों के बीच असमानता की स्थिति पैदा हो रही है।

अफसरशाही की मनमानी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तबादला आदेश जारी होने के बाद भी कर्मचारी उसी स्थान पर बने रहते हैं तो यह अफसरशाही और विभागीय मनमानी का उदाहरण है। सवाल उठता है कि क्या ये कर्मचारी उच्च अधिकारियों के संरक्षण में पुराने पटल पर बने हुए हैं? और यदि ऐसा है, तो शासन के आदेशों का पालन कौन कराएगा?

भ्रष्टाचार को बढ़ावा
जनता का मानना है कि एक ही स्थान पर वर्षों तक जमे रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और पक्षपात की शिकायतें अधिक आती हैं। यही कारण है कि शासन समय-समय पर तबादला नीति लागू करता है। लेकिन जब आदेशों का पालन ही न हो तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मंशा पूरी नहीं हो पाती।

Related Posts

सड़क सुरक्षा पर प्रशासन की सख्ती

अम्बेडकरनगर में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु…

Continue reading
होमस्टे नीति–2025 : अम्बेडकर नगर में 13 आवेदनों पर समिति की बैठक

अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट होमस्टे नीति–2025 के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई।…

Continue reading