
आगरा।आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान कांता देवी के रूप में हुई है, जिनका इलाज सिंघल हॉस्पिटल में चल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते कांता की मौत हुई, जिसे छिपाने के लिए उन्हें बिना जानकारी दिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, फिर बिगड़ी तबीयत
ख्वासपुरा, खेरिया मोड़ निवासी लखन सब्जी बेचते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी कांता का इलाज आवास विकास कॉलोनी स्थित सिंघल हॉस्पिटल में चल रहा था। IVF से संतान प्राप्ति के लिए अस्पताल ने करीब पांच लाख रुपये का खर्च बताया था। बुधवार रात कांता ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, लेकिन उसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
बिना सूचना दिए प्रभा हॉस्पिटल किया रेफर
परिजनों का आरोप है कि कांता की गंभीर हालत के बावजूद उन्हें बिना सूचित किए कांता और बच्चों को प्रभा हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। वहां परिजनों से इलाज के नाम पर अलग से पैसे मांगे गए। जब पैसे देने से इनकार किया गया, तो परिजनों को बाहर कर दिया गया।
मौत की सूचना मिली देर रात
गुरुवार देर रात परिजनों को जानकारी मिली कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण कांता की मौत हो चुकी है। उनका दावा है कि मौत सिंघल हॉस्पिटल में ही हुई थी, जिसे छिपाने की कोशिश की गई।
हॉस्पिटल में हंगामा, पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप
शुक्रवार सुबह परिजनों ने सिंघल हॉस्पिटल पहुंचकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि नवजातों के इलाज को लेकर पुलिस और अस्पताल प्रबंधन उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।








