
जलालपुर नगर पालिका द्वारा कराए गए हाउस टैक्स सर्वे में गंभीर लापरवाही सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट में मकान मालिकों के नाम के स्थान पर अजीबो-गरीब शब्द दर्ज किए गए हैं, जिससे नगरवासियों में नाराजगी है और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हास्यास्पद नामों की भरमार
नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज नामों को देखकर कोई भी चौंक सकता है। दर्जनों मकान मालिकों के नाम ‘पंडित जी’, ‘मूर्खचंद’, ‘नमस्ते’, ‘ताला की दुकान’ और यहां तक कि ‘यह एक सुंदर जगह है’ जैसे वाक्य लिखे गए हैं। कुछ स्थानों पर ‘लाक होम पंडित जी’ और ‘कथानक’ जैसे शब्द भी मालिकों के नाम की जगह दर्ज हैं।
नगरवासियों का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब आधिकारिक दस्तावेज़ों में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना प्रविष्टियां की गई हैं।
लखनऊ की निजी कंपनी के जिम्मे था सर्वे
हाउस टैक्स सर्वे का कार्य लखनऊ की एक निजी एजेंसी को सौंपा गया था। एजेंसी ने सर्वे का मूल डेटा अंग्रेज़ी में तैयार किया था। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार के अनुसार, सर्वे की मूल रिपोर्ट अंग्रेजी में सही थी, लेकिन हिंदी में अनुवाद के दौरान गड़बड़ी हुई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह त्रुटि मानवीय है और इसका समाधान निकाला जा रहा है।
“अनुवाद में हुई गड़बड़ी” – अधिशासी अधिकारी
इस पूरे मामले पर अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने सफाई दी। उन्होंने कहा,
“सर्वे की मूल प्रति अंग्रेजी में सही है। जब इसे हिंदी में ट्रांसलेट किया गया, तब नामों की जगह गलत शब्द आ गए। यह अनजाने में हुई तकनीकी चूक है। पूरी रिपोर्ट की पुनः जांच कराई जाएगी और आवश्यकता होने पर नया सर्वे भी कराया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।








