
- शिविरों का आयोजन: 22 से 24 अप्रैल तक कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा
- सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा पाँच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी राहत: चिकित्सा कार्ड से आर्थिक सुरक्षा
अम्बेडकरनगर। राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना शुरू की है। इसके तहत अब सभी सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल कार्ड मिलेगा, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल सकेगा।
विशेष कैंप 22-24 अप्रैल को
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जनपद के विकास भवन सभागार में 22 से 24 अप्रैल 2025 तक एक विशेष शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान सभी पात्र कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके आश्रित अपना कैशलेस मेडिकल कार्ड बनवा सकेंगे।
क्या हैं योजना के फायदे?
नकद भुगतान की जरूरत नहीं: कर्मचारियों को अब इलाज के लिए पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।
5 लाख रुपये तक का कवर: गंभीर बीमारियों के मामले में यह सीमा और बढ़ भी सकती है।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज: कार्ड दिखाते ही तुरंत उपचार शुरू हो जाएगा।
बीमा दावों की झंझट खत्म: अब कर्मचारियों को बीमा क्लेम की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
“स्वास्थ्य सुरक्षा का गारंटी कार्ड”
आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि यह कार्ड सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का गारंटी पत्र है। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों से 22 से 24 अप्रैल के बीच निर्धारित दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर कार्ड बनवाने का आग्रह किया।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत
यह योजना नौकरीपेशा कर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी सहायता साबित होगी। अब उन्हें महंगे इलाज की चिंता किए बिना कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।
क्या ले जाना होगा?
शिविर में कार्ड बनवाने के लिए कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आधार कार्ड, पहचान पत्र, सेवा प्रमाण पत्र और आश्रित प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज साथ ले जाने होंगे। जिला प्रशासन ने सभी लाभार्थियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील की है।








