
अम्बेडकरनगर। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को राजेश पाण्डेय कॉलेज ऑफ लॉ में भव्य आयोजन हुआ। विधि शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में मानवाधिकार दिवस की थीम “मानवाधिकार हमारी रोजमर्रा की जरूरतें” पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का वातावरण औपचारिकता, शैक्षणिक विमर्श और जागरूकता गतिविधियों से सराबोर रहा।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शिव शंकर यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ सूर्य प्रकाश उपाध्याय ने विशिष्ट अतिथि का सम्मान कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। महाविद्यालय के विधि प्रवक्ता विजय शंकर मिश्र और अंकित पाण्डेय ने मानवाधिकार दिवस की प्रासंगिकता पर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
प्रबंधक नलिनेश तिवारी ने रखे महत्वपूर्ण विचार
विधि महाविद्यालय के प्रबंधक नलिनेश तिवारी ने मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार किसी विशेष समुदाय या वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर कोई, हर जगह और हर समय इन अधिकारों का हकदार है। उन्होंने छात्रों को मानवाधिकारों की संवैधानिक व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय घोषणाओं और इनके संरक्षण में नागरिक दायित्वों से अवगत कराया।
छात्रों ने प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया मानवाधिकार का महत्व
कार्यक्रम में विधि शिक्षा से जुड़े छात्रों ने मानवाधिकार दिवस की थीम पर विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रस्तुतियां दीं।
अंशिका मौर्य, घनश्याम, समन बानो, सनी, नेहा, उमाकांत, अखिलेश, निखिल चौबे, सलोनी, रुखसार, नफीस, स्वारित, लक्ष्मी, सोनिका, प्रीति, माही आदि ने पोस्टर, निबंध, वाद-विवाद और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मानवाधिकारों की आवश्यकता और महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों द्वारा रैली भी निकाली गई, जिसमें मानवाधिकार संरक्षण और जागरूकता का संदेश दिया गया। रैली का उद्देश्य आम लोगों को यह बताना था कि मानवाधिकार केवल कानून का हिस्सा नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की मूलभूत जरूरतें हैं।








