जेवर (ग्रेटर नोएडा)। रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्रीपदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक महेश की बड़ी बहन, बहनोई और छोटी बहन को गिरफ्तार किया है। मृतक के मोबाइल फोन में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर उसने इन तीनों को घटना के लिए जिम्मेदार बताया था। मृतका ललिता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
घर में मिले थे पांचों के शव
पुलिस के मुताबिक, शनिवार को नगला श्रीपदम गांव में महेश (37), उसकी पत्नी ललिता (35) और उनके तीन बच्चों लड्डू उर्फ साक्षात (11), मिष्टी (7) और रियांश (3) के घर में मृत मिलने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार शुक्रवार रात बाहर से घर लौटा था। खाना खाने के बाद सभी सोने चले गए थे। अगले दिन घर में पांचों के शव बिस्तर पर मिले।
ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर कार्रवाई
पुलिस को महेश के मोबाइल फोन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। इसमें कथित तौर पर उसने अपनी बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को घटना के लिए जिम्मेदार बताया था। इसके बाद मृतका ललिता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखर उर्फ चंद्रशेखर (50), उसकी पत्नी सुनीता (45), निवासी शालीमार गांव, दिल्ली, और सपना (32), निवासी खेड़ा कला, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।
मकान को लेकर विवाद की बात आई सामने
पुलिस को पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, महेश अपनी मां चंद्रवती के साथ जिस मकान में रहता था, उसे उसकी बड़ी बहन सुनीता ने कथित तौर पर मां से अपने नाम करा लिया था। बताया जा रहा है कि इस बात की जानकारी मिलने के बाद से महेश परेशान रहने लगा था। हालांकि, मकान से जुड़े विवाद और पांचों की मौत के बीच संबंध की पुलिस जांच कर रही है।









