
- किछौछा शरीफ दरगाह में नया निकासी द्वार, श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
- दरगाह में भीड़ की समस्या को सुलझाने के लिए नया द्वार बनाने की योजना
- 15 मई को होने वाली बैठक में दरगाह प्रबंधन करेगा निकासी द्वार के प्रस्ताव पर चर्चा
अम्बेडकरनगर। किछौछा शरीफ स्थित विश्वप्रसिद्ध सूफी संत हज़रत सैय्यद मखदूम अशरफ की दरगाह पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ा फैसला होने जा रहा है। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए दरगाह परिसर में एक नए निकास द्वार के निर्माण का प्रस्ताव अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस पर 15 मई को होने वाली बैठक में अंतिम मुहर लग सकती है।
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल दरगाह में प्रवेश और निकास के लिए सिर्फ एक ही द्वार है, जिससे उर्स, मेला और नौचंदी जैसे आयोजनों के दौरान भारी भीड़ हो जाती है। इससे अव्यवस्था फैलती है और श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार धक्कमुक्की और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
क्या होगा नया प्रस्ताव?
दरगाह प्रबंधन और खानवादा अशरफिया के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए एक अतिरिक्त निकास द्वार बनाने का सुझाव दिया था। पिछली चर्चाओं में इस पर सहमति बन गई थी, और अब 15 मई को होने वाली बैठक में इसे आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी जा सकती है।
कौन लेंगे बैठक में हिस्सा?
इस महत्वपूर्ण बैठक में दरगाह के सज्जादानशीन, मखदूम अशरफ के वंशज, पीरजादगान और प्रबंधन से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे। अगर प्रस्ताव पास हो जाता है, तो जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
प्रशासन से भी मांगा गया सहयोग
दरगाह प्रबंधन ने इस काम में तेजी लाने के लिए स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग मांगा है, ताकि निर्माण में कोई रुकावट न आए और श्रद्धालुओं को जल्द बेहतर सुविधा मिल सके। दरगाह की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए प्रशासन भी इस योजना को प्राथमिकता दे रहा है।
अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो किछौछा शरीफ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भीड़ और अव्यवस्था से राहत मिलेगी।








