
लखनऊ। हुसैनाबाद स्थित फूड कोर्ट को एक बार फिर आम जनता के लिए खोल दिया गया है। फूड कोर्ट संचालक संस्था द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में बकाया लीज की 57 लाख रुपये की राशि जमा कराने के बाद दुकानों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि टैक्स और लीज राशि जमा न करने के कारण एलडीए ने पहले फूड कोर्ट को सील कर दिया था। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निरीक्षण के दौरान यहां वित्तीय अनियमितता सामने आई थी।
जांच में सामने आई थी बड़ी बकाया राशि
जांच में पाया गया था कि फूड कोर्ट संचालक संस्था मेसर्स अमरावती इंटरप्राइजेज को करीब 1 करोड़ 15 लाख 92 हजार रुपये की लीज राशि जमा करनी थी, जबकि अब तक केवल 22 लाख 50 हजार रुपये ही जमा किए गए थे। लगभग 93 लाख रुपये बकाया पाए जाने पर एलडीए ने फूड कोर्ट को अस्थायी रूप से सील कर नोटिस जारी किया था।
10 करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण
एलडीए द्वारा हुसैनाबाद में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इस फूड कोर्ट का निर्माण कराया गया है। इसमें भूतल पर 6 दुकानें और प्रथम तल पर 2 बड़े रेस्टोरेंट संचालित हैं। इसका हैंडओवर 7 दिसंबर 2024 को किया गया था।
नियमानुसार संचालक संस्था को प्रतिवर्ष लगभग 75 लाख रुपये एलडीए को देना होता है। हाल ही में कंपनी द्वारा 57 लाख रुपये जमा किए जाने के बाद फूड कोर्ट को दोबारा आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
बकाया राशि पर रहेगी निगरानी
एलडीए अधिकारियों ने बताया कि शेष बकाया राशि की वसूली के लिए भी कार्रवाई जारी रहेगी। यदि भविष्य में भुगतान में लापरवाही बरती गई, तो दोबारा सख्त कदम उठाए जाएंगे।









