
- बीएचयू ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह पर महिला प्रोफेसर ने लगाए गंभीर आरोप
- तीन बाउंसरों ने छेड़खानी और धमकी दी, द्विअर्थी शब्दों का किया इस्तेमाल
- 26 मई की घटना के बाद महिला प्रोफेसर ने दी लंका थाने में तहरीर
वाराणसी। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में एक महिला प्रोफेसर के साथ अभद्रता, छेड़खानी और धमकी देने के आरोप में ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉ. सौरभ सिंह और उनके तीन बाउंसरों पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में बाउंसर धनंजय राय, आशीष सिंह और हरपाल के नाम शामिल हैं।
यह मामला ट्रॉमा सेंटर के एनेस्थीसिया विभाग की प्रोफेसर की तहरीर के बाद सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह कैंसर की मरीज हैं और एक बड़े ऑपरेशन से गुजर चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद डॉ. सौरभ सिंह लंबे समय से उनके साथ अमर्यादित व्यवहार कर रहे थे।
26 मई की घटना बनी एफआईआर का आधार
प्रोफेसर के मुताबिक 26 मई को डॉ. सौरभ के इशारे पर बाउंसर आशीष सिंह ने उनके साथ अभद्रता की और गलत भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद बाउंसर धनंजय राय और हरपाल ने उन्हें गलत नीयत से छुआ और धक्का भी दिया। साथ ही तीनों ने अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें “देख लेने” की धमकी भी दी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच
इस पूरे मामले को लेकर महिला प्रोफेसर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद लंका थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्र ने पुष्टि की कि मुकदमा दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मामले से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव
बीएचयू परिसर में इस घटना के बाद तनाव का माहौल है। यह मामला केवल ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली पर ही नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।








