
अंबेडकरनगर। जिले में धान खरीद प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार बढ़ने के मामले सामने आए हैं। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर धान की खरीद मात्रा में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे लेकर किसान और स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सोनगांव के किसानों का रेवई क्रय केंद्र पर अंगूठा लगाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
मिलो की संबद्धता और खरीद मात्रा में असमान्यता
जिले के विभिन्न क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। लगभग 20 से अधिक क्रय केंद्रों को छोड़कर अधिकांश किसानों ने अपने धान की बिक्री रेवई क्रय केंद्र में ही की। यहां 90 कुंतल से अधिक धान बेचा गया, जबकि अन्य केंद्रों पर खरीद में सामान्य स्थिति रही।
स्थानीय किसान इस स्थिति को असामान्य मान रहे हैं। उनका कहना है कि राइस मिलों से जुड़े होने के बाद क्रय केंद्रों में असमान व्यवहार देखा जा रहा है। कई किसान यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही है।
किसानों की बेचैनी और अंगूठा लगाने की प्रक्रिया
सोनगांव के किसानों ने रेवई क्रय केंद्र पर धान बेचते समय अंगूठा लगाना पड़ा। किसानों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव और केंद्रीकृत वितरण व्यवस्था ने उन्हें केवल एक ही क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए मजबूर कर दिया।
किसानों का यह भी आरोप है कि मिलों की संबद्धता और प्रशासनिक ध्यान न देने के कारण कुछ क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में अधिक मात्रा दिखाकर असमान लाभ उठाया जा रहा है।








