बसखारी में मासूमों से किताबें ढुलवाई गईं- शिक्षा तंत्र की संवेदनहीनता उजागर

  • नन्हे कंधों पर किताबों का बोझ, शिक्षा तंत्र पर सवाल

  • बचपन से खिलवाड़, किताबों की जगह गठरियां थमाईं गईं

  • विद्यालय में शिक्षा नहीं, श्रम का पाठ पढ़ रहे बच्चे

अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर जिले के बसखारी विकासखंड में सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों से किताबों की भारी गठरियां ढुलवाई जा रही हैं। विकासखंड कार्यालय से आई पाठ्यपुस्तकों को स्कूल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बच्चों पर डाल दी गई, जिससे उनकी मासूमियत और शिक्षा व्यवस्था की असंवेदनशीलता उजागर हो गई।

करीब दर्जन भर स्कूलों में बच्चे गठरियों के साथ स्कूल पहुंचते और सीढ़ियां चढ़ते दिखे। बच्चों की थकी और डरी हुई हालत ने शिक्षा की जगह शोषण का संदेश दिया।

अभिभावकों ने इसे ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ और ‘बाल श्रम निषेध कानून’ का उल्लंघन बताया। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने कड़ी कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

खंड शिक्षा अधिकारी से संपर्क का प्रयास असफल रहा, उनका मोबाइल बंद मिला और अब तक कोई जवाबदेही नहीं ली गई।

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