
- कमजोर और अवयस्क गोवंश के लिए अलग बाड़ा बनाने का आदेश
- सप्लाई की वस्तुओं की रसीद कैश बुक में दर्ज करने के निर्देश
- निरीक्षण के बाद जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को जनपद की नगरपालिका टांडा स्थित गोवंश संरक्षण केंद्र और विकास खंड अकबरपुर के अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल रुकनुद्दीनपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोशालाओं की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों व संचालकों को कई आवश्यक निर्देश दिए।
टैग्ड भूमि पर हरा चारा उगाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि गोशाला से जुड़ी टैग की गई भूमि पर हरे चारे की खेती शुरू की जाए। इसका उद्देश्य गोवंश के लिए पोषण की आपूर्ति स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित करना है, जिससे चारा खरीदने की आवश्यकता न्यूनतम हो सके।
गोबर से कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने पर जोर
उन्होंने कहा कि गोशालाओं में उत्पन्न गोबर का उपयोग करते हुए कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाए। इस खाद को बेचने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और उसकी बिक्री का पूरा अभिलेखीकरण भी सुनिश्चित किया जाए। इससे गोशालाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत होंगी।
दान में प्राप्त भूसे के रख-रखाव को लेकर स्पष्ट निर्देश
जन सहभागिता के तहत दान में प्राप्त होने वाले भूसे के भंडारण, व्यय और अभिलेखीकरण की प्रक्रिया को नियमानुसार करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए।








