
अंबेडकरनगर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुधवार को तहसील अकबरपुर अंतर्गत राजस्व ग्राम हाजीपुर मरूई में खरीफ सीजन की फसल धान की क्रॉप कटिंग (CCE) का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं किसान के खेत में हसिया से पककर तैयार धान की फसल की कटाई की और उत्पादकता की गणना CCE Agri App के माध्यम से की।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ खेत में पहुंचकर फसल की गुणवत्ता, पैदावार और उत्पादन संबंधी आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादकता के सही आंकड़े कृषि योजनाओं और बीमा मुआवजा निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
ऑनलाइन चयनित खेतों में किया गया उत्पादन परीक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ऑनलाइन चयनित ग्राम हाजीपुर मरूई के गाटा संख्या 08 और 267 में स्थित किसानों जगराम और रामनयन के खेतों में क्रॉप कटिंग का प्रयोग किया। निर्धारित 10 मीटर भुजा वाले समबाहु त्रिभुज क्षेत्र (43.30 वर्ग मीटर) में फसल की कटाई एवं मड़ाई की गई और उससे प्राप्त धान का वजन कराया गया।
गाटा संख्या 08 के खेत में 43.30 वर्ग मीटर क्षेत्र में 22.540 किलोग्राम धान प्राप्त हुआ।
गाटा संख्या 267 के खेत में 43.30 वर्ग मीटर क्षेत्र में 21.200 किलोग्राम धान की उपज दर्ज की गई।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रति हेक्टेयर उत्पादकता क्रमशः लगभग 52 कुंतल और 49 कुंतल आंकी गई। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपज के सटीक आंकड़े तैयार कर शासन को समयबद्ध ढंग से प्रेषित किए जाएं।
कृषि उत्पादन का वास्तविक मूल्यांकन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग (Crop Cutting Experiment) कृषि विभाग की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर जिले की औसत उत्पादकता का निर्धारण किया जाता है। इन आंकड़ों के आधार पर ही राज्य सरकार को कृषि उत्पादन संबंधी रिपोर्ट भेजी जाती है और फसल बीमा धारकों को क्षति मुआवजा निर्धारित किया जाता है।








