इजराइल ने 1000 सैनिकों को नौकरी से निकाला- गाजा जंग पर उठाए थे सवाल

  • सैनिकों ने युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की मांग की

  • इजराइली सेना ने इसे अनुशासन का उल्लंघन माना

  • सैन्य एकता को कमजोर करने वाली कार्रवाई का विरोध

तेल अवीव। इजराइल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) ने गाजा में चल रहे युद्ध के विरोध में आवाज उठाने वाले लगभग 1000 रिजर्व सैनिकों को बर्खास्त कर दिया है। इन सैनिकों ने सरकार पर आरोप लगाया था कि गाजा युद्ध अब राजनीतिक उद्देश्य पूरे करने का माध्यम बन गया है, न कि सैन्य रणनीति का हिस्सा।

सैनिकों ने युद्धविराम की मांग की

रिजर्व सैनिकों ने एक सार्वजनिक पत्र में कहा था कि 18 महीने से चल रही गाजा की लड़ाई अब न तो बंधकों को मुक्त कर रही है और न ही आतंकवादी संगठन हमास को खत्म कर पा रही है। इसके बजाय, यह युद्ध सैनिकों, बंधकों और नागरिकों की जान ले रहा है। इस पत्र पर सैकड़ों पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर किए थे।

इजराइली सेना का जवाब

इजराइली सेना ने इन सैनिकों की बर्खास्तगी को अनुशासन के खिलाफ करार दिया और कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयाँ सैन्य एकता को कमजोर कर सकती हैं। सेना के प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य एकता उनकी प्राथमिकता है।

जनता और नेताओं की प्रतिक्रिया

इजराइल में इस कार्रवाई की तीखी आलोचना हो रही है। कई नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने बर्खास्त सैनिकों की बातों का समर्थन किया, जबकि कुछ सांसदों ने इसे सैन्य अनुशासन का मामला माना। हाल के एक सर्वेक्षण में 70% इजराइली नागरिकों ने युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए सीजफायर का समर्थन किया है।

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