
जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं से जूझ रहे ग्रामीण
साफ पानी की उम्मीदों पर पड़ी कड़ी चोट
जल आपूर्ति में हो रही देरी से गांवों में पानी संकट
अम्बेडकरनगर। भीषण गर्मी के बीच जिले के हजारों ग्रामीण शुद्ध पेयजल की तलाश में भटक रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का वादा अब तक अधूरा साबित हो रहा है। अप्रैल की शुरुआत में ही पारा चढ़ने लगा है, लेकिन नलों से पानी नहीं आ रहा।
वर्ष 2021 में शुरू हुई इस योजना के तहत जिले के 1573 गांवों को 2024 तक पेयजल सुविधा से जोड़े जाने का लक्ष्य था। लेकिन अब तक सिर्फ 2.90 लाख घरों तक ही पानी की आपूर्ति हो पाई है, जबकि लक्ष्य 3.16 लाख घरों का था। 11,318 किमी पाइपलाइन में से मात्र 40 किमी का ही कार्य हाल के महीनों में हो पाया है।
अधिकारियों के दावों के विपरीत, रामनगर, भीटी, जलालपुर और अकबरपुर जैसे क्षेत्रों में बनीं ओवरहेड टंकियां पानी नहीं दे रहीं। कई जगह तकनीकी खामियों के कारण सप्लाई रुकी हुई है।
हैंडपंप सूखने लगे हैं, महिलाएं दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं और बच्चों को कुएं-नहरों की ओर दौड़ते देखा जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो यह न केवल योजना की विफलता है, बल्कि उनकी बुनियादी जरूरतों की अनदेखी भी है।
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता कमलाशंकर ने कहा कि “सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं।”








