नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को दूसरे दिन भी निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे दिन सुबह 11 बजे तक इश्यू 3.50 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 69.08 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं।
निवेशक श्रेणियों में संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 9.42 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 2.42 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना सब्सक्राइब हुआ। आईपीओ 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8,110 करोड़
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना लेकर आई है। इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों को शेयर जारी करके 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे।
एंकर निवेशकों के हिस्से को अलग रखने के बाद आम निवेशकों और अन्य संस्थागत खरीदारों के लिए करीब 22,103 करोड़ रुपये का नेट इश्यू उपलब्ध है। इसी हिस्से के लिए निवेशक बोलियां लगा रहे हैं।
पहले दिन 3.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था इश्यू
आईपीओ को पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। उस दिन इश्यू 3.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं।
दूसरे दिन सुबह तक सब्सक्रिप्शन बढ़कर 3.50 गुना पहुंच गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संस्थागत निवेशकों की बोलियों ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
एक लॉट के लिए ₹13,428 का निवेश
आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, खुदरा निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट के लिए करीब 13,428 रुपये लगाने होंगे। अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके लिए लगभग 1.87 लाख रुपये की जरूरत होगी।
निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों में लॉट साइज, आवेदन की शर्तें और अन्य विवरण जरूर जांचने चाहिए।
ग्रे मार्केट में 23% प्रीमियम का दावा
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर ग्रे मार्केट में 258 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था। यह ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के मुकाबले करीब 23% अधिक है।
इस अनुमान के आधार पर संभावित लिस्टिंग कीमत 1,377 रुपये प्रति शेयर बैठती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है, आधिकारिक लिस्टिंग मूल्य नहीं। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी।









