
अम्बेडकरनगर। जलालपुर क्षेत्र के कुसुमखोर गांव में स्थित पंचायत भवन की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। पुराने समय में निर्मित यह भवन आज भी मात्र दो कमरों तक ही सीमित है, जिससे गांववासियों और पंचायत कर्मियों को कार्य संचालन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने बताई स्थिति
ग्राम प्रधान कंचन सिंह के प्रतिनिधि विशाल सिंह ने बताया कि वर्तमान भवन न तो बैठक कार्यों के लिए उपयुक्त है और न ही फरियादियों को बैठने की समुचित व्यवस्था है। उन्होंने मांग की कि भवन में मीटिंग हॉल, प्रधान कक्ष, सचिव कक्ष व ऑपरेटर कक्ष की व्यवस्था आवश्यक है ताकि पंचायत स्तरीय कार्य सुचारू रूप से हो सकें।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
गांव के शिवप्रसाद, संतोष व पंकज ने पंचायत भवन की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि सीमित स्थान के कारण न तो कोई बैठक ठीक से हो पाती है और न ही आमजन की समस्याओं का समाधान। ग्रामीणों ने भवन के विस्तार के साथ-साथ बाउंड्री वॉल के निर्माण की भी मांग की ताकि भवन परिसर सुरक्षित रह सके और फरियादियों को भी बैठने की सुविधा मिल सके।
ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि पंचायत भवन के विस्तार को लेकर उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और पत्राचार भी किया गया है। जैसे ही आदेश प्राप्त होगा, निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
पंचायत भवन के विस्तार को लेकर गांव में जनचर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांवों को डिजिटल और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, तब पंचायत कार्यालयों का सशक्त और सुव्यवस्थित होना अनिवार्य है। यदि शीघ्र ही इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है।








