21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ बनेगा केंद्रबिंदु

  • 22 जिलों में आईएएस अधिकारी नोडल प्रभारी के रूप में तैनात
  • योग दिवस को सरकार बना रही सामाजिक जनांदोलन
  • हर गांव और गली तक योग पहुंचाने का मिशन

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इस बार उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। राजधानी लखनऊ एक बार फिर इस आयोजन का मुख्य केंद्र बनेगी, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक राजभवन में सामूहिक योग करेंगे।

सरकार की मंशा इस आयोजन को सिर्फ एक दिन की रस्म न बनाकर जन आंदोलन का रूप देने की है। इसलिए पूरे प्रदेश में विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

हर जिले में मंत्री करेंगे योग

सरकार ने योग दिवस को प्रभावशाली बनाने के लिए 53 मंत्रियों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया है। ये मंत्री 21 जून की सुबह अपने-अपने जिले में आम जनता के साथ योग अभ्यास करेंगे। लखनऊ में खुद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मौजूद रहेंगे, जबकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में योग करेंगे।

लखनऊ से गांव-गांव तक योग

लखनऊ में न सिर्फ राजभवन, बल्कि पार्कों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर भी योग सत्र होंगे। अन्य जिलों में भी व्यापक तैयारी चल रही है। योग को लेकर पंचायतों, नगर निकायों और स्कूलों को भी सक्रिय किया गया है।

प्रशासनिक निगरानी भी पुख्ता

प्रदेश सरकार ने 22 जिलों में वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है, जो स्थानीय योग आयोजनों की निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कार्यक्रम समय पर और भव्य तरीके से हो।

उद्देश्य: योग को बने जन आंदोलन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच है कि योग एक दिन का आयोजन न होकर हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बने। इसी लक्ष्य के तहत इस वर्ष योग दिवस को ज्यादा व्यापक और जनभागीदारी वाला बनाया जा रहा है।

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