किशोरी के अपहरण मामले में दोषी को पांच वर्ष का कारावास

पॉक्सो न्यायालय का फैसला, 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया

  • वर्ष 2019 में किशोरी के अपहरण का था मामला
  • साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी दोषी करार
  • पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 12 हजार रुपये का अर्थदंड

अम्बेडकरनगर। किशोरी के अपहरण से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार टांडा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी का 18 सितंबर 2019 की रात अपहरण कर लिया गया था। मामले में किशोरी के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

बरामदगी के बाद आरोपी को भेजा गया था जेल

विवेचना के दौरान पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया था। मामले में नेहरूनगर मोहल्ला निवासी कुलदीप को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने विभिन्न साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो सत्यप्रकाश पांडेय ने अदालत में पक्ष रखते हुए आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध करने का तर्क दिया।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया फैसला

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी कुलदीप को दोषी माना। इसके बाद न्यायालय ने उसे पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

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