पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या

  • कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या: पत्नी पर शक
  • बेंगलुरु में पूर्व डीजीपी का शव बरामद, पत्नी से पूछताछ जारी
  • 1993 के भटकल दंगों के नायक ओम प्रकाश की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व डीजीपी एवं 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी ओम प्रकाश की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। उनका शव उनके बेंगलुरु स्थित केएचएसआर लेआउट के आवास पर खून से लथपथ मिला। हैरानी की बात यह है कि इस हत्या का आरोप उनकी अपनी पत्नी पर लगा है।

पत्नी ने ही दी थी सूचना

पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी खुद पूर्व डीजीपी की पत्नी ने दी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वह मानसिक रूप से अशांत थीं और इसी वजह से उन्होंने अपने पति की हत्या कर दी। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बिहार के चंपारण से थे मूल निवासी

ओम प्रकाश मूल रूप से बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले थे, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद वह बेंगलुरु में परिवार के साथ रहते थे। उन्होंने 2015 में कर्नाटक के 38वें डीजीपी का पदभार संभाला था। इससे पहले वह होमगार्ड के कमांडेंट जनरल, नागरिक सुरक्षा निदेशक और अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे।

दंगा नियंत्रण में थी अहम भूमिका

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेल्लारी के हरपनहल्ली उप-मंडल में एएसपी के तौर पर की थी। बाद में उन्होंने कर्नाटक के कई जिलों में एसपी और डीआईजी के रूप में काम किया। 1993 के भटकल सांप्रदायिक दंगों को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका खासी सराही गई थी।

मामले की जांच जारी

पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पूर्व डीजीपी की पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य और घटना से जुड़े अन्य सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है

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