
अकबरपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका परिषद अकबरपुर द्वारा “मेरा कचरा मेरी जिम्मेदारी” अभियान को नई गति दी जा रही है। इस अभियान में नगर पालिका की IEC टीम, स्वच्छ भारत मिशन टीम और ट्रेनिंग पार्टनर मॉडर्न ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की टीम संयुक्त रूप से शहर के प्रत्येक वार्ड में डोर-टू-डोर जाकर नागरिकों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के लिए प्रशिक्षित कर रही है।
प्रत्येक घर तक पहुंच रही टीम, दिया जा रहा प्रशिक्षण
अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से प्रशिक्षित महिलाओं की टीम—सरिता, सविता, सोनल, सोनू कुमारी आदि—घर-घर जाकर नागरिकों को यह बता रही हैं कि किस प्रकार से वे अपने घर से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे को अलग कर सकते हैं। साथ ही नागरिकों को दोहरे डस्टबिन के प्रयोग और घर में ही होम कंपोस्टिंग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
हर घर को मिल रहा पृथक्करण स्टीकर
अभियान के दौरान हर घर पर कूड़े के पृथक्करण से संबंधित सूचनात्मक स्टीकर चिपकाए जा रहे हैं। इन स्टीकरों में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि कौन सा कचरा गीला है और कौन सा सूखा, साथ ही उनके पृथक्करण से होने वाले सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ भी दर्शाए गए हैं। टीम यह भी बता रही है कि पृथक्करण से न केवल पर्यावरण की रक्षा संभव है, बल्कि इससे गंदगी और बीमारियों पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।
होम कंपोस्टिंग पर भी जोर
वार्डों में टीम द्वारा नागरिकों को होम कंपोस्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि घर से निकलने वाला जैविक कचरा घर पर ही निस्तारित हो सके। इस प्रक्रिया से खाद बनाकर लोग अपने बाग-बगीचों में उपयोग कर सकते हैं। यह पहल शहर में कूड़ा कम करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।








