
अंबेडकरनगर। जिले में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इफको बाजार बसखारी की ओर से मंगलवार को केंद्र पर प्रचार-प्रसार वैन के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों की विस्तृत जानकारी दी गई। वैन में लगाए गए एलसीडी टीवी पर नैनो उर्वरकों के उपयोग, लाभ और वैज्ञानिक तकनीक से जुड़े तथ्यों का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। नैनो उर्वरकों की अवधारणा को आसान भाषा में समझाते हुए उन्हें बताया गया कि यह तकनीक आधुनिक कृषि को नई दिशा देने में सक्षम है।
किसानों को नैनो उर्वरक के लाभ और उपयोग की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को बताया गया कि नैनो उर्वरक अत्यंत सूक्ष्म कणों के रूप में तैयार किए जाते हैं, जो पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में पौधों द्वारा तेजी से अवशोषित होते हैं। इससे खेत में आवश्यक पोषक तत्व कम मात्रा में भी अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो जाते हैं।
किसानों को यह भी समझाया गया कि नैनो नाइट्रोजन, नैनो फॉस्फोरस, नैनो जिंक और नैनो कॉपर जैसे उर्वरक पौधों तक पोषक तत्व सटीकता से पहुंचाते हैं। इससे फसल मजबूत बनती है, उत्पादन बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता भी सुरक्षित रहती है।
वीडियो के माध्यम से दिखाए गए सफल प्रयोग
इस दौरान प्रगतिशील किसानों के सफल प्रयोगों के वीडियो भी दिखाए गए। वीडियो में बताया गया कि नैनो उर्वरक के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक लागत की बचत होती है। साथ ही फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है और उत्पादन में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
विभिन्न फसलों में नैनो उर्वरक के उपयोग से प्राप्त परिणामों को वैज्ञानिक आधार पर प्रस्तुत किया गया। किसानों ने वीडियो देखकर यह समझा कि यह तकनीक कैसे खेती की लागत कम करते हुए बेहतर उपज दे सकती है।








