- पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने जनसुनवाई में सुनी जनता की पीड़ा, न्याय दिलाने का लिया संकल्प
- “हर शिकायत का त्वरित निस्तारण हमारी प्राथमिकता” – पुलिस अधीक्षक
- संवेदनशीलता के साथ सुनी गईं फरियादें, पीड़ितों को मिला न्याय का आश्वासन
जनपद। जनता की पीड़ा जब शब्दों में ढलकर पुलिस कार्यालय तक पहुँचती है, तो वह सिर्फ एक शिकायत नहीं रह जाती, बल्कि न्याय की उम्मीद बन जाती है। इसी उम्मीद को साकार करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) केशव कुमार ने बुधवार को अपने कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर सैकड़ों फरियादियों की समस्याएँ सुनीं और उन्हें तुरंत न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
संवेदनशीलता से सुनी गईं हर शिकायतें
प्रातःकाल से ही पुलिस मुख्यालय पर विभिन्न गाँवों और मोहल्लों से आए दर्जनों फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। एसएसपी केशव कुमार ने हर व्यक्ति को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “पुलिस प्रशासन सिर्फ कानून-व्यवस्था का रखवाला नहीं, बल्कि जनता का विश्वासपात्र भी है। हर शिकायत का निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण हमारी जिम्मेदारी है।”
“कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी”
इस दौरान एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कोई भी शिकायत लंबित नहीं छोड़ी जाएगी और न ही किसी के साथ लापरवाही बरती जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि:
- हर शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
- शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
- समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनता ने जताया संतोष
जनसुनवाई के बाद फरियादियों के चेहरों पर संतोष साफ झलक रहा था। एक शिकायतकर्ता ने बताया, “पहली बार लगा कि पुलिस हमारी बात सुन रही है। एसएसपी साहब ने सीधे हमारी समस्या का समाधान निकालने का आदेश दिया।”
“पुलिस अब सिर्फ डंडे की भाषा नहीं, संवाद की भी”
इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आधुनिक पुलिस प्रशासन कठोरता और संवेदनशीलता का संतुलन बनाकर चलता है। एसएसपी केशव कुमार की इस पहल से जनता का विश्वास बढ़ा है और यह साबित हुआ है कि पुलिस जनसेवक के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रही है।
समापन टिप्पणी:
यह जनसुनवाई न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण है, बल्कि यह दिखाती है कि सही नेतृत्व और संवेदनशीलता से पुलिस-जनता के बीच का अविश्वास दूर किया जा सकता है। आने वाले दिनों में ऐसे और आयोजनों से जनपद में कानून का शासन और मजबूत होगा।








