
- समाधान दिवस के तहत सभी तहसीलों में जनता की समस्याओं का तत्काल निस्तारण
- जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को दिया सख्त संदेश: ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
- समाधान दिवस में अधिकारी बने फरियादियों के लिए सहारा, कई मुद्दों पर किया तुरंत निर्णय
शासन के निर्देशानुसार जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए शुक्रवार को जिले की सभी तहसीलों में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद किया और कई मामलों का तुरंत निस्तारण किया।
टांडा तहसील में मुख्य आयोजन
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में टांडा तहसील में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी, वन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान 57 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 का तत्काल निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “समाधान दिवस कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी जवाबदेही है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी।”
अन्य तहसीलों में शिकायत निस्तारण
- आलापुर: अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता की देखरेख में 50 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8 का तुरंत समाधान हुआ।
- अकबरपुर: एसडीएम की अध्यक्षता में 66 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 5 का तत्काल निस्तारण किया गया।
- भीटी: कुल 35 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 3 का मौके पर ही निपटारा हुआ।
- जलालपुर: एसडीएम के समक्ष 58 आवेदन प्रस्तुत हुए, जिनमें से 8 मामलों का समाधान किया गया।
“कागजी नहीं, असली समाधान चाहिए”
कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को न्याय मिले। अधिकारियों को फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।”
इस पहल से जनता को त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन शेष शिकायतों का समय पर निस्तारण ही इसकी सफलता तय करेगा।








