
विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर एनटीपीसी टांडा ने बुधवार को एनएफएन दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। उद्देश्य था दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उनकी क्षमताओं को प्रोत्साहित करना और आत्मविश्वास को नई दिशा देना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
म्यूजिकल चेयर से लेकर रंगोली तक—प्रतियोगिताओं में दिखी उमंग
कार्यक्रम में दिव्यांग प्रतिभागियों के लिए म्यूजिकल चेयर, पेंटिंग, निबंध लेखन और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी क्षमताओं के अनुरूप शानदार प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।
म्यूजिकल चेयर में प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक रहा। पेंटिंग प्रतियोगिता में रंगों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी सोच, भावनाओं और कल्पनाओं को खूबसूरती से कागज पर उतारा। निबंध लेखन में प्रतिभागियों ने आत्मनिर्भरता, सकारात्मकता और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगी आकृतियों से आयोजन स्थल को मनमोहक स्वरूप दिया।
दिव्यांगजनों को मिले ट्राईसाईकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण रहा। इस अवसर पर एनटीपीसी टांडा के कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा और गरिमा महिला मंडल की अध्यक्षा संघमित्रा परिदा ने 25 ट्राईसाईकिल, 10 व्हीलचेयर, 5 जोड़ी एक्ज़िला क्रच और 2 श्रवण उपकरण प्रदान किए। इन उपकरणों को पाकर प्रतिभागियों के चेहरे खिल उठे और उनके परिजनों में भी संतोष और खुशी का माहौल दिखा।
एनटीपीसी टांडा द्वारा किया गया यह सहयोग दिव्यांगजनों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









