
अम्बेडकरनगर। अरिया से जमुनीपुर को जोड़ने वाली नहर की पटरियों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। लंबे समय से मरम्मत न होने और विभागीय उदासीनता के चलते यह मार्ग अब खतरे का पर्याय बन गया है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और धंसी हुई मिट्टी ने ग्रामीणों के लिए आवागमन को जोखिम भरा बना दिया है।
जर्जर पटरी बनी हादसों की वजह
ग्रामीणों के अनुसार, कभी यह पटरी आवागमन का प्रमुख मार्ग हुआ करती थी, जिससे लोग आसानी से अरिया से जमुनीपुर तक पहुंच जाते थे। लेकिन अब इस मार्ग पर चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को आए दिन गिरने और फिसलने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार छोटे बच्चों और बुजुर्गों को पैदल चलने में भी परेशानी हो रही है।
बरसात के दौरान यह रास्ता तालाब में बदल जाता है। गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क का निशान तक मिट जाता है। इस कारण लोग नहर की पटरी से होकर गुजरने से कतराने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि थोड़ी सी भी बारिश होते ही यह मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है।
ग्रामीणों की बार-बार की शिकायत बेअसर
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नहर पटरी की मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित विभाग को मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी के चलते स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
किसानों के अनुसार, इस पटरी से होकर खेतों तक पहुंचना अब किसी चुनौती से कम नहीं रहा। ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण ले जाना भी मुश्किल हो गया है। गहरी दरारों और धंसी मिट्टी के कारण वाहन फंस जाते हैं, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।









