
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार का फैसला
- OBC-A और OBC-B व्यवस्था समाप्त
- काकोली घोष दस्तीदार को मिली Y श्रेणी सुरक्षा
पश्चिम बंगाल सरकार ने OBC आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया है। नई सूची के अनुसार अब केवल 66 जातियां ही OBC आरक्षण के दायरे में रहेंगी। साथ ही धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। हाईकोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में 77 अतिरिक्त जातियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक करार दिया था।
2010 से पहले शामिल जातियों का दर्जा रहेगा कायम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2010 से पहले OBC श्रेणी में शामिल जातियों का आरक्षण जारी रहेगा। वहीं, OBC कोटे के तहत पहले से नौकरी पा चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
काकोली घोष दस्तीदार को मिली CISF की Y श्रेणी सुरक्षा
इसी बीच केंद्र सरकार ने काकोली घोष दस्तीदार को CISF की ‘Y’ कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की है। यह सुरक्षा 19 मई से लागू कर दी गई है।
काकोली घोष दस्तीदार पहले लोकसभा में पार्टी की चीफ व्हिप थीं। अब उनकी जगह कल्याण बनर्जी को नया चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है।
OBC-A और OBC-B व्यवस्था खत्म
ममता बनर्जी सरकार के दौरान लागू OBC-A और OBC-B की व्यवस्था अब समाप्त हो गई है।
इस व्यवस्था के तहत OBC-A को 10% और OBC-B को 7% आरक्षण मिलता था। इसी दौरान कई नई जातियों को भी सूची में शामिल किया गया था।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द हो गए थे।
नई सूची में शामिल प्रमुख जातियां
नई OBC सूची में कपाली, कुर्मी, सुध्राधार, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं।
इसके अलावा पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदायों को भी सूची में रखा गया है।









