
अंबेडकर नगर | संवाददाता।जिले के भीटी तहसील अंतर्गत मिश्रौली गांव में एक गरीब परिवार अपनी ही पैतृक आबादी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे से त्रस्त है। पिंकी मिश्रा नाम की महिला अपने सास-ससुर और बच्चों के साथ न्याय के लिए महीनों से प्रशासनिक चौखटों पर चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक राहत नहीं मिल सकी है। दबंगों के खुलेआम कब्जे और प्रशासन की चुप्पी ने पूरे गांव को बेचैन कर दिया है।
कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी जारी है अवैध निर्माण
पिंकी मिश्रा का कहना है कि जिस भूमि को लेकर विवाद है, वह मामला अदालत में विचाराधीन है। बावजूद इसके, विपक्षी पक्ष द्वारा उस जमीन पर लगातार अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भीटी के उपजिलाधिकारी ने इस मामले में धारा 146 CrPC के तहत आदेश पारित किया था, जिसमें स्पष्ट रूप से विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश था।
लेकिन आदेश को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता के कारण दबंगों के हौसले बुलंद हैं।
डीएम, एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
पिंकी मिश्रा ने इस मामले को लेकर डीएम कार्यालय में कई बार प्रार्थना पत्र दिया। साथ ही पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की अपील की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की भीख मांगी, लेकिन हर स्तर पर उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
परिवार का आरोप है कि स्थानीय प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्रशासन मामले को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा परिवार आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाएगा।








