
- केशव कुमार के समय अंबेडकरनगर में कानून-व्यवस्था सख्त और पारदर्शी थी
- नए एसपी अभिजीत शंकर के आने के बाद सिस्टम पुराने ढर्रे पर लौटता दिख रहा है
- थानों में वसूली, टालमटोल और लापरवाही की शिकायतें बढ़ीं
अंबेडकरनगर | जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक समय था जब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केशव कुमार की सख्ती और निष्पक्षता से जिले में अपराधियों में खौफ और जनता में विश्वास था। परंतु अब हालात बदल चुके हैं। उनके स्थानांतरण के बाद नई व्यवस्था में पुराने हालात दोबारा लौटते नजर आ रहे हैं।
केशव कुमार की सख्ती बनी थी चर्चा का विषय
एसपी केशव कुमार के नेतृत्व में अंबेडकरनगर में न केवल अपराधों पर लगाम लगी थी, बल्कि थानों में भी अनुशासन और पारदर्शिता की लहर दौड़ गई थी। जनता को उम्मीद थी कि यह व्यवस्था स्थायी बनेगी, लेकिन अब तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है।
अभिजीत शंकर के आने से जगी थीं नई उम्मीदें
केशव कुमार के स्थान पर जब अभिजीत शंकर आर ने जिले की कमान संभाली, तो लोगों को उम्मीद थी कि विकास और कानून-व्यवस्था का नया दौर शुरू होगा। खासकर यह सोचकर कि ‘साउथ के अफसर ईमानदार और अनुशासित होते हैं’। शुरुआत में उम्मीदें ऊंची थीं, पर धीरे-धीरे सिस्टम पुराने ढर्रे पर लौटता दिखाई दे रहा है।
सूत्रों की मानें तो… फिर वही ढाक के तीन पात
पुलिस महकमे से जुड़े सूत्रों की मानें तो जिन अवैध धंधों पर केशव कुमार ने सख्ती दिखाई थी, वे अब फिर से सक्रिय हो चुके हैं। थानों में पुराने तौर-तरीकों की वापसी साफ देखी जा सकती है—वसूली, टालमटोल और लापरवाही फिर से आम बात बनती जा रही है।








