अंबेडकरनगर। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें राजभर की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें तो अपनी राजनीति की चिंता सता रही है। शनिवार को अंबेडकरनगर में एक कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने कहा, “हमारी नाव के रक्षक सुदर्शन चक्रधारी हैं।” उन्होंने अखिलेश यादव पर धार्मिक आयोजनों को राजनीति का मंच बनाने और चुनाव आयोग के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
भागवत कथा में नारेबाजी पर उठाए सवाल
राजभर ने अयोध्या में भागवत कथा के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थन में हुई नारेबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि लोग कथा सुनने आए थे, राजनीतिक भाषण सुनने नहीं। उन्होंने अखिलेश यादव के मंदिर दर्शन को लेकर भी सवाल उठाए। राजभर ने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण एक ही स्वरूप हैं, तो अखिलेश यादव मंदिर में दर्शन करने क्यों नहीं गए। उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन नहीं करने को लेकर भी सपा प्रमुख पर निशाना साधा।
राज्यसभा चुनाव और सांसद के बयान का भी जिक्र
राजभर ने सपा प्रमुख की राजनीति में विरोधाभास होने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के आठवें प्रत्याशी को लेकर उठे सवालों का उल्लेख किया। साथ ही सपा के एक राज्यसभा सांसद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की। राजभर ने दावा किया कि ऐसा ही कदम किसी दूसरे नेता ने उठाया होता तो कार्रवाई की जाती।









