अंबेडकरनगर। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी को शनिवार को अंबेडकरनगर में जौनपुर जाने के दौरान रोक दिया गया। वह चर्चित दूल्हा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे। उन्हें जिले के एक होटल में रोके जाने के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई।
मुकेश साहनी ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के आगे बढ़ने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, मानो वह कोई अपराधी या आतंकवादी हों। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल के प्रमुख को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना उचित नहीं है।
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि जौनपुर के दूल्हा हत्याकांड में मृतक की बहन पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठी है और न्याय की मांग कर रही है। उनका आरोप है कि पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पीड़िता की बहन को न्याय का भरोसा देने के बजाय डांटकर वापस भेज दिया गया।
साहनी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और पीड़ितों के पक्ष में खड़े होने वालों को भी रोका जा रहा है।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, प्रशासन की ओर से देर शाम तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मुकेश साहनी को किस कारण होटल में रोका गया और उन्हें आगे बढ़ने से क्यों रोका गया।









