ऑपरेशन सिन्दूर की आज पहली बरसी है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई की सुबह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया था। इस कार्रवाई ने दुनिया को भारत की तेज, सटीक और नियंत्रित सैन्य रणनीति का संदेश दिया।
भारतीय वायुसेना ने महज 23 मिनट के भीतर बहावलपुर में Jaish-e-Mohammed और मुरीदके में Lashkar-e-Taiba के ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया।
भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने नूर खान, सरगोधा समेत कई सैन्य एयरबेस पर मिसाइल हमले कर उसकी क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया। बताया गया कि 88 घंटों के भीतर पाकिस्तान युद्धविराम की पेशकश करने को मजबूर हो गया।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर आधुनिक युद्ध रणनीति का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। जहां रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्ष लंबे समय तक जारी हैं, वहीं भारत ने सीमित समय में लक्ष्य आधारित कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई अब और अधिक आक्रामक होगी।
विश्लेषकों के अनुसार, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ‘मारक निवारक नीति’ को और मजबूत किया है।









