
अंबेडकरनगर। जनपद में धान खरीद शुरू हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन आधे से अधिक क्रय केंद्रों पर अब तक खरीद प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है। कृषि उपज विपणन विभाग, पीसीएफ, पीसीयू और यूपीएसएस के कई केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। किसानों की उपज मंडियों तक पहुंच रही है, लेकिन खरीद शुरू न होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आधे केंद्र बंद, खरीद प्रक्रिया ठप
धान खरीद अभियान एक नवंबर से शुरू किया गया था। जिला प्रशासन द्वारा 60 से अधिक क्रय केंद्रों की स्थापना की गई, लेकिन इनमें से अब तक केवल कुछ ही केंद्र सक्रिय हैं। अधिकांश केंद्रों पर न तो तौल शुरू हुई है और न ही किसानों से उपज खरीदी जा रही है।
ग्रामीण इलाकों के किसानों का कहना है कि कई केंद्रों पर कर्मचारी मौजूद नहीं रहते या फिर मशीनें और मापतौल की व्यवस्था पूरी नहीं है। वहीं, कुछ स्थानों पर बारदाने और तौल कांटे की कमी बताकर खरीद को टाल दिया जा रहा है।
राइस मिलों से जुड़ाव पर उठे सवाल
कई क्षेत्रों में यह चर्चा है कि जिन केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही, वे स्थानीय राइस मिलों से जुड़े हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ केंद्रों द्वारा निजी मिलर्स से तालमेल बनाकर खरीद को जानबूझकर रोका जा रहा है, ताकि बाद में अनुकूल कीमतों पर धान उठान हो सके।
इस तरह की स्थिति न केवल सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि किसानों के हितों को भी प्रभावित कर रही है।








