
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार 19 मई से पेट्रोल और डीजल औसतन 90 पैसे प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
पांच दिन में दूसरी बढ़ोतरी
तेल कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर बाजार और उपभोक्ता दोनों पर दिखाई देगा।
कई राज्यों में पेट्रोल ₹100 के पार
देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी है। वहीं 17 राज्यों में डीजल 90 रुपये प्रति लीटर से अधिक दाम पर बिक रहा है।
महंगे ईंधन के कारण वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं के महंगे होने की संभावना बढ़ गई है। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
वहीं विपक्षी दलों ने भी ईंधन कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।









